
Gayatri
vidyapeeth

गुरुकुल परंपरा पर आधारित शिक्षा
अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी के दिव्य सपनों से प्रेरित यह विद्या मंदिर भारतीय संस्कृति, संस्कार और ज्ञान की महान गुरुकुल परंपरा को जीवंत रूप में आगे बढ़ाने का एक पावन प्रयास है। यहाँ शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन मूल्यों, अनुशासन, सेवा और आध्यात्मिकता के माध्यम से विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण पर विशेष बल दिया जाता है।
इस पावन शिक्षालय में बच्चों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक सभी आयामों का संतुलित विकास किया जाता है, जिससे वे केवल सफल विद्यार्थी ही नहीं बल्कि संस्कारी, जिम्मेदार और राष्ट्रनिर्माता नागरिक बन सकें।
भारतीय संस्कृति, वेदों के आदर्शों और आधुनिक शिक्षा के समन्वय से यहाँ प्रत्येक बालक का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जाता है, ताकि वे उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर होकर समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणा स्रोत बनें।

श्रद्धेय श्री मनुभाई पटेल जी (मुख्य ट्रस्टी, गायत्री परिवार ट्रस्ट, मुंबई) एवं मा० ना श्री प्रकाश चन्द्र जी (ओबरा विधानसमा के वर्तमान विधायक) के कर कमलों द्वारा गायत्री विद्यापीठ का उद्घाटन वसंत पंचमी के सुअवसर पर दिनांक 23 जनवरी 2026 को हुआ था।