
गायत्री
विद्यापीठ

![]() | ![]() | ![]() |
|---|---|---|
![]() | ![]() |
गायत्री विद्यापीठ दाउदनगर, बिहार
एक अंग्रेजी माध्यम विद्यालय
(CBSE पैटर्न) नर्सरी से कक्षा 8 तक
ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।
वह प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, वृद्ध, पापनायक, देवस्वरूप परमात्मा को हम अपने अंतःकरण में धारण करें। वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग की ओर प्रेरित करे।

यज्ञ एवं संस्कार
प्रकृति की शांति और प्रेरणा से परिपूर्ण भगवान में स्थित गायत्री विद्यापीठ एक ऐसा शिक्षण संस्थान है जहां शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, चरित्र निर्माण और समग्र व्यक्तित्व विकास पर विशेष बल दिया जाता है। हमारा उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को पुस्तक ज्ञान देना ही नहीं है, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार, संस्कारी और सलाहकार नागरिक के रूप में तैयार करना है।
गायत्री विद्यापीठ में भारतीय गुरुकुल परंपरा के आदर्शों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली के साथ समन्वित किया गया है। यहां छात्रों को निर्देश, योग, यज्ञ, नैतिक नैतिकता और आध्यात्मिक व्यक्तिगत के साथ-साथ विज्ञान, तकनीक और आधुनिक विषयों की उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान की जाती है।
हमारा मानना है कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य बच्चों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास को क्रमिक रूप से आगे बढ़ाना है। इसी दृष्टिकोण के साथ गायत्री विद्यापीठ छात्रों को एक सकारात्मक, प्रेरणादायक और विज्ञापनात्मक वातावरण प्रदान करता है, जहां वे अपने सपने को साकार करने की दिशा में छात्रों के साथ आगे बढ़ते हैं।
गाय विद्यापीठ केवल एक विद्यालय नहीं है, बल्कि एक ऐसा संस्कारमय परिवार है जहाँ से शिक्षण प्राप्त होता है, जिसमें प्रत्येक विद्यार्थी समाज और राष्ट्र के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार होता है।

यज्ञ हमारे जीवन की सबसे महत्वपूर्ण दिव्य गतिविधि है।
यह वेद है और यह हमारी वैदिक संस्कृति का प्रतीक है।
हमारे धर्म में 16 संस्कार हैं, इसलिए हमें अपने बेहतर आध्यात्मिक जीवन के लिए इनका पालन करना चाहिए।
" हमारा उद्देश्य वैदिक सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और परंपरा को पुनर्जीवित करना है। "




